अत्यंत हर्ष का विषय है कि आपने उच्चशिक्षा के आयामों को स्पर्श करने के लिए शासकीय नवीन महाविद्यालय, सारागांव का चयन किया है। महाविद्यालय परिवार की ओर से आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
इस महाविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण अंचल में स्थित सारागांव क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के उद्देश्य से की गई है। यह महाविद्यालय न्यूनतम शुल्क अथवा नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करके समाज के हर वर्ग के छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करता है। महाविद्यालय में वर्तमान में बी.ए., बी.कॉम., और बी.एससी. (जीव विज्ञान) जैसे स्नातक पाठ्यक्रम संचालित हैं। साथ ही, भविष्य में और भी नए पाठ्यक्रमों को जोड़ने की योजना है।
महाविद्यालय में 10 स्वीकृत शैक्षणिक पद हैं, जिनमें से अधिकांश पदों पर पीएससी चयनित नियमित प्राध्यापक कार्यरत हैं। शेष पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति राज्य शासन के निर्देशानुसार की गई है। यहां एक समृद्ध पुस्तकालय, वाचनालय, और खेलकूद के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), यूथ रेडक्रॉस, इको क्लब, रेड रिबन क्लब और 150 से अधिक अन्य समितियां सक्रिय रूप से संचालित हैं, जिनमें छात्र-छात्राएं अपनी रुचि के अनुसार भाग ले सकते हैं।
महाविद्यालय का ग्रीन और क्लीन कैंपस, वाई-फाई सुविधा, और पर्याप्त अध्यापन कक्ष इसे शिक्षा के लिए आदर्श वातावरण बनाते हैं। निकट भविष्य में रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एनसीसी सीनियर डिवीजन यूनिट शुरू करने की योजना है, जो सेना और पुलिस सेवा में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालय का जिला प्रशासन और राष्ट्रीय युवा योजना जैसे प्रतिष्ठित संगठनों से जुड़ाव इसे और अधिक प्रभावशाली बनाता है। हर वर्ष यहां राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, कार्यशालाएं और विविध रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हमारा प्रयास है कि आपके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो और आप अपने सपनों को साकार करें।
उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ,
प्रो. भूपेन्द्र कुमार पटेल
प्राचार्य, शासकीय नवीन महाविद्यालय, सारागांव
जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.)